साहित्य समाज का एक अहम हिस्सा है, जो हमारी संस्कृति को सहेजता है...
इंदौर लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2025 के 11वें सीज़न के पहले दिन डेली कॉलेज परिसर
साहित्य, कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर दिखाई दिया...
साहित्य प्रेम को आगे बढ़ाते हुए इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल का दूसरा दिन नए लेखकों के लिए बेहद अहम साबित हुआ...
Read Full Storyइंदौर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे और अंतिम दिन भी साहित्य, संगीत और संवाद का खूबसूरत संगम दिखाई दिया...
Read Full Storyइंदौर लिटरेचर फ़ेस्ट के विशेष सत्र “प्रणब माय फ़ादर” में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री, लेखिका और कथक नृत्यांगना शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता के जीवन, व्यक्तित्व और डायरी के अनकहे पक्षों पर भावुक और प्रेरक विचार साझा किए...
Read Full Storyप्रसिद्ध कवि रामायण धर द्विवेदी ने फ़ेस्टिवल में अपनी सरल, हृदयस्पर्शी और मनुष्य-केन्द्रित कविता शैली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया...
Read Full Storyइंदौर साहित्य महोत्सव के “राइटिंग टूलकिट” सत्र में विशेषज्ञों ने लेखन, प्रेरणा और राइटर्स ब्लॉक पर उपयोगी सुझाव साझा किए...
Read Full Storyविभिन्न विशेषज्ञों ने 'एक राष्ट्र–एक चुनाव' के लाभ, चुनौतियाँ और ऐतिहासिक संदर्भ पर गहन चर्चा की...
Read Full Storyडॉ. अजय भूषण शुक्ला, मुकेश जी नेमा और उर्मिला शिरीष ने अपनी कविताएँ और अनुभव साझा किए — यह सत्र संवेदना, व्यंग्य और लेखन जीवन की विविधताओं से भरा रहा...
Read Full Storyप्रतिष्ठित पत्रकार उदय माहूरकर ने फ़ेस्टिवल में “फिल्मों और वेब श्रंखलाओं में फैलती अश्लीलता का संकट” पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया...
Read Full Storyब्रांड कोच और स्ट्रैटेजिस्ट अम्बी परमेस्वरन ने मार्केटिंग, ब्रांड-बिल्डिंग और एआई के उपयोग को लेकर अपने अनुभव साझा किए...
Read Full Storyराहगीर ने संगीत, संघर्ष, यात्राओं और अपने जीवन-दर्शन पर भावुक और प्रेरक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे बसकिंग से लेकर देशभर की यात्राओं, गलत लोगों से सामना, परिवार की आशंकाओं और अपने नाम ‘राहगीर’ के पीछे की सोच ने उनकी कला को आकार दिया...
Read Full Storyकपिल राज और विशाल पॉल ने आधुनिक लेखन, AI के प्रभाव, बदलती पाठकीय आदतों, निजी अनुभवों और सामाजिक व सांस्कृतिक कहानियों पर आधारित अपने लेखन-सफ़र के विचार साझा किए...
Read Full Storyअदिति श्रीवास्तव और नविशा गुप्ता ने बताया कि लेखन उम्र या पेशे का नहीं, दिल और अनुभवों का काम है। एक ओर कॉर्पोरेट जीवन के बीच अदिति भावनाओं को शब्द देती हैं, वहीं नविशा बचपन से ही रोज़मर्रा की बातों में कहानियाँ खोजकर किताबें लिख रही हैं...
Read Full Storyविनय सहस्रबुद्धे एक भारतीय राजनेता, लेखक और सामाजिक चिंतक थे, जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत समृद्ध थी। उनकी गहन, विश्लेषणात्मक और संतुलित सोच ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वैचारिक दिशा और नीतिगत विमर्श को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Read Full Storyडॉ. विकास दवे भारतीय साहित्य जगत का एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने न सिर्फ़ साहित्य को अपने कर्म से समृद्ध किया, बल्कि मध्य प्रदेश में हिंदी को पुनर्स्थापित करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे साहित्यकार, पत्रकार और वर्तमान में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक हैं।
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