India's Most Vibrant Literature Festival • 14th, 15th, 16th November 2025

Indore Literature Festival – Blog

इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल – Day 1

साहित्य समाज का एक अहम हिस्सा है, जो हमारी संस्कृति को सहेजता है...

इंदौर लिटरेचर फ़ेस्टिवल 2025 के 11वें सीज़न के पहले दिन डेली कॉलेज परिसर साहित्य, कला और संस्कृति के रंगों से सराबोर दिखाई दिया...

Read Full Story

इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल – Day 2

साहित्य प्रेम को आगे बढ़ाते हुए इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल का दूसरा दिन नए लेखकों के लिए बेहद अहम साबित हुआ...

Read Full Story

इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल – Day 3

इंदौर लिटरेचर फेस्टिवल के तीसरे और अंतिम दिन भी साहित्य, संगीत और संवाद का खूबसूरत संगम दिखाई दिया...

Read Full Story

शर्मिष्ठा मुखर्जी – “प्रणब माय फ़ादर”

इंदौर लिटरेचर फ़ेस्ट के विशेष सत्र “प्रणब माय फ़ादर” में भारत के पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की पुत्री, लेखिका और कथक नृत्यांगना शर्मिष्ठा मुखर्जी ने अपने पिता के जीवन, व्यक्तित्व और डायरी के अनकहे पक्षों पर भावुक और प्रेरक विचार साझा किए...

Read Full Story

रामायण धर द्विवेदी – लय बदलती कविता

प्रसिद्ध कवि रामायण धर द्विवेदी ने फ़ेस्टिवल में अपनी सरल, हृदयस्पर्शी और मनुष्य-केन्द्रित कविता शैली से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया...

Read Full Story

राइटिंग टूलकिट

इंदौर साहित्य महोत्सव के “राइटिंग टूलकिट” सत्र में विशेषज्ञों ने लेखन, प्रेरणा और राइटर्स ब्लॉक पर उपयोगी सुझाव साझा किए...

Read Full Story

लोकतंत्र का नया अध्याय : एक राष्ट्र–एक चुनाव

विभिन्न विशेषज्ञों ने 'एक राष्ट्र–एक चुनाव' के लाभ, चुनौतियाँ और ऐतिहासिक संदर्भ पर गहन चर्चा की...

Read Full Story

मेरा रचना धर्म

डॉ. अजय भूषण शुक्ला, मुकेश जी नेमा और उर्मिला शिरीष ने अपनी कविताएँ और अनुभव साझा किए — यह सत्र संवेदना, व्यंग्य और लेखन जीवन की विविधताओं से भरा रहा...

Read Full Story

उदय माहूरकर — फिल्मों और वेब श्रंखलाओं में फैलती अश्लीलता का संकट

प्रतिष्ठित पत्रकार उदय माहूरकर ने फ़ेस्टिवल में “फिल्मों और वेब श्रंखलाओं में फैलती अश्लीलता का संकट” पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया...

Read Full Story

अम्बी परमेस्वरन — मार्केटिंग मिक्सोलॉजी

ब्रांड कोच और स्ट्रैटेजिस्ट अम्बी परमेस्वरन ने मार्केटिंग, ब्रांड-बिल्डिंग और एआई के उपयोग को लेकर अपने अनुभव साझा किए...

Read Full Story

राहगीर — मेरी राह के काँटे और फूल, आँसू और मुस्कान

राहगीर ने संगीत, संघर्ष, यात्राओं और अपने जीवन-दर्शन पर भावुक और प्रेरक अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि कैसे बसकिंग से लेकर देशभर की यात्राओं, गलत लोगों से सामना, परिवार की आशंकाओं और अपने नाम ‘राहगीर’ के पीछे की सोच ने उनकी कला को आकार दिया...

Read Full Story

न्यू एज राइटिंग

कपिल राज और विशाल पॉल ने आधुनिक लेखन, AI के प्रभाव, बदलती पाठकीय आदतों, निजी अनुभवों और सामाजिक व सांस्कृतिक कहानियों पर आधारित अपने लेखन-सफ़र के विचार साझा किए...

Read Full Story

बडिंग ऑथर्स — अदिति श्रीवास्तव और नविशा गुप्ता

अदिति श्रीवास्तव और नविशा गुप्ता ने बताया कि लेखन उम्र या पेशे का नहीं, दिल और अनुभवों का काम है। एक ओर कॉर्पोरेट जीवन के बीच अदिति भावनाओं को शब्द देती हैं, वहीं नविशा बचपन से ही रोज़मर्रा की बातों में कहानियाँ खोजकर किताबें लिख रही हैं...

Read Full Story

भारतीय सौम्य संपदा की सुगंध

विनय सहस्रबुद्धे एक भारतीय राजनेता, लेखक और सामाजिक चिंतक थे, जिनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि अत्यंत समृद्ध थी। उनकी गहन, विश्लेषणात्मक और संतुलित सोच ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की वैचारिक दिशा और नीतिगत विमर्श को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Read Full Story

संकल्प से बदल दी सूरत

डॉ. विकास दवे भारतीय साहित्य जगत का एक ऐसा नाम हैं जिन्होंने न सिर्फ़ साहित्य को अपने कर्म से समृद्ध किया, बल्कि मध्य प्रदेश में हिंदी को पुनर्स्थापित करने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे साहित्यकार, पत्रकार और वर्तमान में मध्य प्रदेश साहित्य अकादमी के निदेशक हैं।

Read Full Story

लय बदलती कविता

लय बदलती कविता के सत्र में इंदौर लिटरेचर फ़ेस्ट ने अपने मंच पर कवि रामायण धर द्विवेदी का हार्दिक स्वागत किया। इस सत्र की गरिमा को और बढ़ाया विशिष्ट अतिथि आशुतोष अग्निहोत्री की उपस्थिति ने, जो न केवल प्रशासनिक सेवा की ऊँचाइयों पर पहुँचे एक प्रखर अधिकारी हैं, बल्कि साहित्य और रचनात्मक अभिव्यक्ति के प्रति गहरी संवेदना रखने वाले सृजनशील व्यक्तित्व भी हैं।

Read Full Story